पीछा करना

पीछा करके किसी का उत्पीडन करना

कुछ दिन पहले ही आनंदिता ने मुझे आकर कहा था कि मैं बिल्डिंग के गार्ड को यह हिदायत दूँ कि वह लोकालिटी में आनेजाने वाले लोगों को जांच लिया करे.”
– बिल्डिंग सेक्रेटरी के साथ इंटरव्यू [इन्डियन एक्सप्रेस 18/10/2008]

फ्लिमों में पीछा करना हो सकता है कि रोमांचक हो, मगर असल जिंदगी में जिसके साथ होता है उससे पूछिए कि यह कितना भयानक अनुभव हो सकता है, मानसिक तकलीफ और डर से भरा हुआ अनुभव. किसी का पीछा करना ना केवल उसकी प्रिवेसी का उलंघन है बल्कि लगातार एक भय रहता है कि कब पीछा करने वाला सामने आ जायेगा और ना जाने कैसी हरकत करेगा.

पीछा करना क्या है?

पीछा करने का मतलब है ऐसा बर्ताव जिससे किसी महिला का पीछा कर उससे संपर्क साधने की कोशिश किया जाये, उसके बारे में पूछताछ की जाये और उसके आने जाने की खबर रखी जाए. इसी तरह की हरकत यदि ओनलाईन या इंटरनेट से होती है तो इसे साईबर-स्टाकिंग (पीछा करना) कहते हैं.

“ उसने लड़की को फ़ोर्स किया कि वह घंटों तक बात करे. यदि कोई लड़की मना करे तो वह गुस्सा हो जाता और गन्दी गन्दी बात करता. उसने अपने पड़ोसियों को भी बुला लिया और लड़की के बारे में अश्लील बातें करता. ऐसे फोन पर वह लाखों खर्च करता.” अडिशनल सीपी, क्राइम, स्टाकर पर जो सोशल नेटवर्किंग साईट से महिलाओं के नंबर लेता था और उन्हें परेशान करता था. [23/12/2007, इंडियन एक्सप्रेस]

कैसे पता लगाएं कि आपका पीछा किया जा रहा है?

अधिकतर लोग जान जाते हैं जब ऐसा होता है, लेकिन या तो उन्हें पता नहीं होता कि इसे क्या कहते हैं इसलिए गंभीरता से नहीं लेते या फिर सबके सामने लेने में झिझकते हैं. यदि आपको लगता है कि आपका पीछा किया जा रहा है तो इसे गंभीरता से लें. आपको पता होना चाहिए कि यह पीछा करना है जब:

  • जब कोई व्यक्ति आपका पीछा करता और आपसे संपर्क करने की कोशिश करता है. और आपको कुछ ठीक नहीं लगता या इससे डर लगता है.
  • आपको महसूस होता है कि वह आपसे ईमेल/चिठ्ठी/फोन/मैसेज के जरिये संपर्क करने की कोशिश कर रहा है
  • वह आपसे बार बार मिलने की कोशिश करता है और आप इससे सहज नहीं हैं
  • इस व्यक्ति की हरकतों से आपको भय लगता है या डर होता है कि वह आपको शारीरिक रूप से चोट पहुंचा सकता है.
  • उसके मैसेज अश्लील और गंदे होते हैं
  • आपकी अनुमति के बिना उसने आपके परिवार और काम की जगह पर लोगों से बात करने की कोशिश की है.
  • यह सब कुछ समय यानि कुछ हफ़्तों या महीनों से हो रहा है

यदि इनमें से दो या इससे ज्यादा बाते सही है तो सावधान हो जाएँ आपका पीछा किया जा रहा है. आपको इसके लिए कुछ करने की ज़रूरत है. ठोस कदम उठायें. इसे नज़रंदाज़ न करें!

साधारण सवाल और विश्वास: पीछा करना

स्टाकिंग (पीछा करना) क्या नहीं है?

स्टाकिंग का मुख्य चरित्र है कि हो सकता है कि स्टाकर (पीछा करने वाला) आपको किसी और तरह के अपराध का डर दिखाए या ना भी दिखाए.

फिर भी इसे अन्य तरह के अपराधों से अलग करने की ज़रूरत है, हालांकि स्टाकिंग में कुछ अपराध भी शामिल हो सकते हैं. मगर वह फिर पूरी तरह से स्टाकिंग नहीं है.

  • हिंसक व्यवहार जैसे मारना, परेशान करना, अश्लील चित्र दिखाना, इन सबके लिए अलग चार्ज है.
  • स्पामिंग स्टाकिंग नहीं है. स्पामर्स आपके एक्टिव ईमेल के पीछे होते हैं ताकि वे विज्ञापन के लिए इसे इस्तेमाल कर पायें. वे आपके अन्य व्यक्तिगत जानकारी में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं.
  • एक बार घूरना या अश्लील टिप्पणी करना स्टाकिंग नहीं है. ये तो बार बार होने वाली हरकत है जिसके जरिये कुछ समय में संपर्क साधने की कोशिश की जाती है.

इस फर्क को जानते हुए यह महत्वपूर्ण है कि आप स्टाकिंग के केस को गंभीरता से लें. क्योंकि हर केस में उसके और गंभीर रूप ले लेने की क्षमता होती है.

क्या स्टाकिंग (पीछा करना) भारत में होता है?

हाँ! भारत में यह बहुत कॉमन है और ऐसा नहीं कि यह किन्हीं खास लोगों के साथ होता है. यह किसी के भी साथ हो सकता है. हालांकि स्टाकिंग का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, मगर ये होता है, भले ही पीड़िता महिला की जो भी पृष्ठभूमि हो – वर्ग, उम्र, ग्रामीण या शहरी इलाके या सामाजिक स्तर.

क्या स्टाकिंग सीरियस है?

हाँ! स्टाकिंग एक गंभीर अपराध है. आपको फूल भेजना या देखना अपने आप में खतरनाक नहीं है, लेकिन जब आप इस सबसे भयभीत या दबाव महसूस करती हैं तो आपको इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए. पीछा करने वाला आपको ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. इसके आलावा, स्टाकर समय के साथ ज्यादा हिंसक हो सकता है, और खासतौर पर तब जब उसे रिजेक्ट किया गया हो. स्टाकिंग अक्सर किसी गंभीर अपराध की शुरुआत हो सकती है जैसे बलात्कार, यौन उत्पीडन करना, शारीरिक रूप से चोट पहुँचाना या फिर क़त्ल जैसे अपराध.

क्या यह आदमियों के साथ भी हो सकता है?

हाँ! यह आदमियों के साथ भी हो सकता है, मगर देखा गया है कि महिलाएं इसकी ज्यादा शिकार होती हैं. इस वेबसाइट की ज़रूरत के लिए हम मानकर चलते हैं कि इसकी शिकार महिला ही होगी.

क्या महिलाएं भी स्टाकर हो सकती हैं?

हाँ! हो सकता है कि किसी छोटे लड़के के पीछे महिला स्टाकर हो. मगर ज्यादातर मर्द ही स्टाकर होते हैं. इस वेबसाइट की ज़रूरत के लिए, हम मानकर चलते हैं कि स्टाकर मर्द होते हैं.

स्टाकिंग क्यों होती है?

“स्टाकरों के लिए यह महिला पर सत्ता ज़माने का एक तरीका है, और कई केसों में पाया गया है कि साईबर स्टाकर का पीड़िता के साथ पहले कुछ संबंध था”- साईबर फोरेंसिक एक्सपर्ट, गृह मंत्रालय, टाइम्स ऑफ इंडिया, 6/9/2005

स्टाकिंग, यौन उत्पीडन का गंभीर रूप है.

यहाँ कई कारण हैं जिससे स्टाकर (पीछा करने वाले को) को हिम्मत मिलती है

  • स्टाकर को यकीन होता है कि उसे आपसे प्यार हो गया है. इस तरह का जूनून या तो पूरी तरह अजनबी से हो सकता है या बॉय फ्रेंड से (जो कि ज्यादा आम बात है)
  • सटाकर अपनी डराने धमकाने वाली हरकत से आपको कंट्रोल करके रखना चाहता है. उसके लिए यह ताकत और सत्ता का मामला है. यहाँ यह यौन उत्पीडन से मिलताजुलता है.
  • स्टाकर ने हो सकता है आपको ऐसे ही चुन लिया हो – बस अपना तनाव या डिप्रेशन निकलने के लिए. इस प्रक्रिया में, या तो वह इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहो हो या कुछ और तरीका. यह उसका तरीका है कि ज़बरदस्ती वह आपका ध्यान अपनी ओर खींचना चाहता है.
  • हो सकता है कोई आपसे बदले लेने या नफरत करने की वजह से पीछा कर रहा हो. यदि ऐसा है, तो सावधान रहें, हो सकता है वह आपको कोई शारीरिक नुकसान पहुंचाए.

स्टाकर कौन हो सकता है?

कोई भी स्टाकर हो सकता है – सहकर्मी, पुराना पार्टनर, पुराना बॉय फ्रेंड, पड़ोसी, दोस्त, लेक्चरर, क्लास में साथ पढ़ने वाला या कोई अजनबी. ज्यादा चांस हो सकता है कि वह व्यक्ति स्टाकर हो जिसे पहले कभी आपने ठुकरा दिया हो. या कोई पूरी तरह से अजनबी – जिससे आप कभी ऑन्लाइन (इन्टरनेट पर) मिली हों.

एक खास केस में, आरोपी पवन कुमार ने 1,627 फोन कॉल किये जिसमें से 885 कॉल पुलिस कंट्रोल रूम का था, 137 कॉल एमटीएनएल ऑपरेटर को 595 कॉल मोबाईल कंपनी के कस्टमर केयर को. वह अक्सर 11 बजे रात और 6 बजे सुबह के बीच फोन करता था, और शराब के नशे में. उसे महिलाओं से बात करने में मजा आता था. ऊपर से ये नंबर चार्ज फ्री थे. [15/04/2006, द हिंदू]

तमिलनाडु (2007) के एक शहर तिरुनेलवेली में लड़कियों के कॉलेज में किये गए एक छोटे से अध्ययन में (केवल 150 लड़कियों के साथ) पाया गया कि 68.7% लड़कियां अजनबी लोगों द्वारा पीछा किये जाने का शिकार थीं, जबकि बाकियों के साथ स्टाकिंग की समस्या उनके दोस्तों (13.3%) और रिश्तेदारों (18%) से थी.

ज्यादातर स्टाकिंग की जगह है इंटरनेट जहाँ कोमुनिटी ग्रुप, चैट ग्रुप, फ़िल्मी गानों के साइट्स, सोशल नेटवर्किंग के साइट्स जैसे ऑरकुट और फेसबुक.

स्टाकिंग कैसे असर करता है?

“हो सकता है कि कॉल करने वाला गुस्से और हिंसा की वजह से यह कर रहा हो. अक्सर ऐसा करने वाले छोड़े हुए प्रेमी या सहकर्मी जिन्हें ठुकरा दिया गया हो या पहले पति होते हैं – लोग जो अपना गुस्सा सीधे दर्शा नहीं पाते हैं. इन मर्दों को यह सोचकर रोमांच आता है कि इस तरह के फोन कॉल से औरतें किस तरह परेशान और भयभीत होती हैं. कामकाजी महिलाओं के केस में, उनके लिए काम के वक्त अपने सेल फोन पर कॉल लेना बाध्यता हो जाती है. मगर इस तरह के धमकाने वाले कॉल उनके काम पर असर डालते हैं, उन्हें डिप्रेशन में पहुंचा देते हैं और काम छोड़ देने को मजबूर कर देते हैं.”- एक मनोचिकित्सक ने द हिंदू पेपर में कोट किया, 15/04/2006

एक स्टाकर कई तरीकों से आपसे संपर्क करने की कोशिश करता है. स्टाकिंग एक खास तरह का जुर्म इसलिए भी हो जाता है क्योंकि वह एक नहीं कई तरह के तरीके इस्तेमाल करता है जो कि ज़रुरी नहीं कि अपराधिक ही हों. भले ही वे गैरकानूनी न हों (जैसे आपके घर के पास से गुज़ारना या आपको देखना) ये किसी के किये कम डरावना नहीं है. यहाँ कुछ स्टाकिंग के तरीके दिए गए हैं, मगर ये इतने तक ही सिमित नहीं हैं.

  • आपका पीछा करना (पैदल/गाड़ी से/इंटरनेट से)
  • बार बार ब्लैंक फोन करना
  • फोन पर अश्लील बातें करना
  • अश्लील ईमेल भेजना
  • अनचाहे पत्र भेजना
  • आपकी इज़ाजत के बिना आपके फोटो खींचना
  • आपके सेल फोन पर परेशान करने वाले मैसेज भेजना
  • घर के बाहर खड़े रहना
  • कॉलेज/काम की जगह के बाहर खड़े रहना
  • ओनलाईन नेटवर्किंग साईट पर बार बार मैसेज भेजना
  • आपके घर में घुसने या आपसे मिलने की कोशिश करना
  • आपके बारे में अफवाह फैलाना
  • आपको ओनलाइन पर अश्लील मैसेज भेजना
  • आपसे संपर्क करने की कोशिश करना
  • आपसे कौन मिलने आता है इसपर नज़र रखना
  • आपके दोस्तों पर नज़र रखना
  • आपको चोट पहुँचाने की धमकी देना
  • आपके परिवार और दोस्तों को धमकाना
  • आपकी संपत्ति या पालतू पशु को नुकसान पहुँचाना
  • साईबर-स्टाकिंग
  • आपके ऊपर नज़र रखना
  • आपको अनचाहे तोहफे भेजना
  • पॉर्न वेबसाइट पर आपके फोटो का गलत इस्तेमाल और आपकी जानकारी देना

क्या मुझे स्टाकर (पीछा करने वाले) के साथ सामना करना चाहिए?

नहीं. यह सलाह दिया जाता है कि आप स्टाकर से हिंसक रूप से सामना ना करें, खासतौर से जब आप अकेले हों या स्टाकर ठुकराया हुआ पार्टनर हो या जब स्टाकर एक जुनूनी व्यक्तित्व वाला हो.

स्टाकर से सामना करने में हो सकता है कि शारीरिक और यौनिक हिंसा का खतरा बढ़ जाए. दूसरी तरफ आप स्टाकर की कोई मदद न करें, क्योंकि हो सकता है इसे वह बढ़ावा समझे. शांत भाव से आप स्टाकर को कहें कि आपको उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है, और इसे आप हर बार स्पष्टता के साथ कहें. अपने परिवार को बताएं और पुलिस के पास जाएँ.

“मैंने ही उसे बढ़ावा देने के लिए कुछ किया होगा.”

नहीं! स्टाकर के बर्ताव के लिए आप बिल्कुल भी ज़िम्मेदार नहीं हैं. खुद को उसके पीछा करने की हरकत का दोषी ठहराना सही नहीं है.

भारत में, यह आम सोच है कि महिला ही मुसीबत को बुलाती है (अपने व्यवहार से, दिखावे, पहरावे या जीवन जीने के तरीके से). यह सही नहीं है. आपने स्टाकर को बढ़ावा देने के लिए कुछ भी नहीं किया है. यदि किसी और के द्वारा किये गए अपराध के लिए आपको जिम्मेवार ठहराया जाए तो आप इसका विरोध करें. याद रखें, आपका पीछा करने के लिये स्टाकर को सज़ा मिलनी चाहिए ना कि आपको.

“हो सकता है कि वह मुझे प्यार करता हो…..”

स्टाकर इसलिए पीछा करते हैं कि वे पीड़िता की जिंदगी पर कंट्रोल करना चाहते हैं. हो सकता है कि वे अपने प्यार का हवाला दें मगर यह सिर्फ एक तरीका है दूसरे इंसान के जीवन पर कंट्रोल करने का.

प्रियदर्शीनी मट्टू, दिल्ली की एक कानून की छात्रा का उसके सीनियर ने एक साल तक पीछा किया. उसने उस सीनियर को रिजेक्ट कर दिया तो उस आदमी ने प्रियदर्शीनी मट्टू का बलात्कार किया फिर बेरहमी से उसका क़त्ल कर दिया. अगर स्टाकर आपका अन्तरंग पार्टनर है तो उससे सामना करना मुश्किल है-मगर सामना करना भी है इसलिए बगैर भावुक हुए स्पष्टता से कहें. जो आपको कंट्रोल करे वह आपको प्यार नहीं कर सकता. एक स्वस्थ और बीमार रिश्ते के बीच के फर्क को पहचानें.

“स्टाकर पगाल या मानसिक रूप से परेशान आदमी होता है.”

यह बात सच हो भी या नहीं भी हो सकती है. यदि स्टाकर मानसिक रूप से परेशान है तो यह बात इसपर निर्भर करती है कि आपका पीछा करने के पीछे उसका क्या मकसद है.

स्टाकर का जो भी मकसद हो, हो सकता है कि वह नार्मल हो, पढालिखा हो, नौकरीपेशा हो और अच्छे घर से हो. याद रखें, स्टाकर के मन में निचे दी गई भावनाएं हों :

  • मर जाने की हद तक आपसे प्यार
  • हो सकता हो उसे लगता हो कि आप भी उसे प्यार करती हैं
  • आपके प्रति नाराज़गी हो, ज़रुरी नहीं कि प्यार में
  • आपके द्वारा ठुकराया गया हो और आपसे रिश्ता या बदला चाहता हो.
  • आप पर यौनिक हिंसा करना चाहता हो या शारीरिक रूप से आपके ऊपर ताकत आज़माना चाहता हो.

“ स्टाकिंग नुकसान पहुँचाने वाली क्रिया नहीं है”

स्टाकिंग नुकसान पहुँचाने वाली क्रिया है. वास्तव में, जो स्टाकिंग को झेलता है वह भयानक दबाव और डर में जीता है.

यहाँ ऐसे कई केस हो चुके हैं जहाँ शिकार महिला ने लगातर होने वाली हिंसा और डर से मजबूर होकर आत्महत्या कर लिया है. यहाँ हमेशा यह डर रहता है कि स्थिति बहुत खराब हो जायेगी या हिंसक हो जायेगी. यह कई शिकार महिलाओं को स्टाकिंग के बारे में चुप रहने को मजबूर करता है. मगर ख़ामोशी से स्थिति बाद में और भी बिगड़ जाती है. आपको ना तो स्टाकर के साथ सामना करना चाहिए ना ही उसे नज़रंदाज़ ही करना चाहिए. आपको कोई ना कोई कदम ज़रूर उठाना चाहिए.

साईबर स्टाकिंग

“ स्कूल कॉलेज में जागरूकता लानी चाहिए ताकि बच्चे टेक्नोलॉजी के नकारात्मक असर का शिकार ना हो सकें. इस साल, मार्च तक हमने साईबर स्पेस में होने वाले महिलाओं और बच्चों के खिलाफ़ हिंसा की 20 याचिकाएं पाई हैं.” – असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, साईबर क्राइम सेल, 03/05/2007, द हिंदू

हर रोज़ हम या तो बिजनेस या मनोरंजन के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. इसके परिणाम में हम कई जानकारी के स्त्रोत छोड़ जाते हैं, वेबसाइट जो हमने विसिट किया हो, फोटोग्राफ्स, संपर्क विवरण, जन्म की तारीख और अन्य व्यक्तिगत जानकारी.

जो इंटरनेट की जानकारी रखता है और रूचि रखता है उसके लिए आपके बारे में जानकारी खोज लेना मुश्किल नहीं है, खासतौर से ऑरकुट, ट्विटर, माई स्पेस और फ़ेसबुक से. ऑरकुट के बारे में तो यह प्रचलित है कि इसमें स्टाकर का अपना ग्रुप है जो ‘ऑरकुट स्टाकर’ और ‘स्टाकर क्लब’ के नाम से जाना जाता है. इसके 664 सदस्य हैं. ये ग्रुप कई तरह से महिलाओं का पीछा करने की जानकारी देते हैं. [04/03/2006, द हिंदू]

साईबर स्टाकिंग का मतलब है इंटरनेट और इलेक्ट्रोनिक तरीकों का पीछा करने में इस्तेमाल करना. यह कई तरीके और डिग्री का हो सकता है. इससे खासतौर से खतरा होता है क्योंकि स्टाकर की पहचान पता नहीं चलती और इंटरनेट कई लोगों को असहज करता है. और सबसे जरुरी बात कि क्यों आपको ऑनलाइन सावधानी बरतने की ज़रूरत है.

नीचे कुछ साईबर- स्टाकिंग के उदाहरण दिए गए हैं.

  • अपनी व्यक्तिगत जानकारी/फोटो आदि को पोर्नोग्राफिक वेबसाईट पर डालने के बाद आपको अचानक किसी अजनबी से अश्लील कॉल आने लगते हैं.
  • जब कोई आपका ऑनलाइन पीछा करता है.
  • आपके ईमेल पर बार बार अनचाहा मैसेज आना.
  • ऑनलाइन कम्यूनिटी पर आपके बारे में अफवाह फैलाना
  • आपको अनचाहा अश्लील ईमेल भेजना
  • लगातार अश्लील या धमकी भरे ईमेल के जरिये आपसे संपर्क करने की कोशिश करना
  • आपको अश्लील सामग्री भेजना
  • इंटरनेट के जरिये आपके व्यक्तिगत जानकारी पर नज़र रखना
  • आपके ईमेल आई डी और पासवर्ड को हैक करना
  • आपको झूठी पहचान के साथ इंटरनेट पर संपर्क करना

नीचे दी गईं कुछ सावधानियां हैं जो आप अपना सकती हैं

  • ‘चैट फ्रेंड्स’ को अपनी व्यक्तिगत जानकारी ना दें
  • ऑफलाइन चैट फ्रेंड से मिलने से बचें. हो सकता है वह व्यक्ति वह ना हो जो इंटरनेट पर हो. यदि आपको मिलना ही है तो सार्वजनिक जगहों पर मिलें और किसी दोस्त को साथ ले जाएँ. आपके परिवार के किसी सदस्य को भी जानकारी होनी चाहिए कि आप कहाँ जा रही हैं.
  • अपना ईमेल आई डी और पासवर्ड किसी से भी न शेयर करें, यहाँ तक कि दोंस्तों या भाई बहनों से भी.
  • ऑनलाइन आप किसे दोस्त बनाती हैं इस बारे में सावधानी बरतें, खासतौर से फेसबुक और ऑरकुट पर
  • उन लिंक्स पर क्लीक ना करें जिसे साथ अनचाहे ईमेल भी लिंक्ड हो
  • सावधान रहें आप अपना व्यक्तिगत विवरण जैसे घर का पता, फोन या सेल नंबर और अपना असली नाम उन लोगों को ना दें जिनसे हाल ही में ऑनलाइन मुलाकात हुई हो.
  • जिनसे हाल में ही मुलाकात हुई हो उन्हें अपने फोटोग्राफ्स ना भेजें
  • नेटवर्किंग साईट में गुप्तता का विकल्प रखें. लेकिन फिर भी सतर्क रहें क्योंकि यहाँ से भी जानकारी हैक की जा सकती है.
  • जो भी ऑनलाइन सर्विस आप इस्तेमाल करती हैं उसका असाधरण और अलग सा पासवर्ड रखें.
  • अपना क्रेडिट/डेबिट की जानकारी किसी भी ईमेल या वेब पेज को ना दें. अधिकतर बैंक ऐसी जानकारियां ईमेल या फोन पर नहीं मांगती हैं.
  • अपने प्रोफाइल को मिटाए नहीं इससे सबूत मिट जाएगा.
संभावित कदम

सबसे पहली बात इसे गंभीरता से लें. आप जितना सावधानी बर्तेंगीं उतना ही आप इसे रोक पाएंगीं और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएंगीं. आप जो भी रणनीति अपनाएं आपकी अपनी सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए.

जवाब न दें!

स्टाकिंग के केस में पीछा करने वाले का सामना ना करना ही भलाई है. उसे एक बार आप कह सकती हैं कि वह पीछा ना करे.

अपनी बात मजबूती से कहें मगर आवाज़ में रूखापन ना लाएं. याद रखें, स्टाकर आपसे संपर्क साधने कि कोशिश करेगा. उसके संपर्क का कोई जवाब ना दें. यदि वह आपसे मिलने आपके घर या काम की जगह पर आता है तो उसे चले जाने के लिए कहें. मजबूत रहें ना तो बहुत नम्र हों ना ही रूखे हों. उससे ना तो सार्वजनिक ना ही निजी जगहों पर मिलें. आप उसे जानती हों फिर भी. इससे आपका केस कमजोर हो सकता है, इसे स्टाकर के साथ आपका सहयोग ही माना जायेगा. यदि स्टाकर आपको बार बार फोन कर रहा हो, तो जवाब ना दें, बस बगैर लाइन काटे हुए नीचे रख दें, मैसेज और ईमेल का भी जवाब ना दें.

यदि आप स्टाकर को जानती हैं जैसे वह घर के आस पास रहता हो या आपके काम की जगह पर ही काम करता हो, तो यह आपके लिए आसान नहीं है. वह दोस्त, जानपहचान वाला, पड़ोसी, सहकर्मी या पुराना साथी और बॉय फ्रेंड हो सकता है. जो भी हो महत्वपूर्ण ये है कि आप उसका सहयोग ना करें. उसी समय याद रखें कि स्टाकर के साथ सीधे या हिंसक तरीके से सामना करने से मामला और बिगड़ सकता है.

स्टाकर को क्या नहीं कहना चाहिए

अनजाने रूप से ही सही मगर स्टाकर को कोई बहाना ना दें, खासतौर से जब वह आपका दोस्त हो या जान-पहचान वाला या पुराना पार्टनर. ‘ना’ का मतलब ना ही है.

आपको खुद को स्पष्टीकरण देने की ज़रूरत नहीं है.

  • स्टाकर के साथ बहस/चर्चा/मोलतोल ना करें
  • यह ना कहें कि ‘मेरा बॉय फ्रेंड’ है या ‘मैं शादीशुदा हूँ’. इससे लगता है कि यदि आपका बॉय फ्रेंड ना होता या शादी ना हुई होती तो आप उसमे दिलचस्पी लेतीं
  • यह ना कहें कि आप अभी इस समय रिश्ते में दिलचस्पी नहीं रखतीं. इससे यही लगता है कि आने वाले भविष्य में आप रिश्ता रखना चाहती हैं
  • यह ना कहें कि अभी आप वयस्त हैं. इससे स्टाकर को बाद में आपसे संपर्क करने का हौसला मिलता है
  • आप स्टाकर से कोई संपर्क करने की कोशिश ना करें. यह सीधे तौर पर स्टाकर को सहस देगा.
स्टाकिंग को डोक्युमेंट करें

यह बहुत ज़रुरी है कि आप स्टाकर जो जो करे उसे नोट करने के लिए डायरी लिखें. रिकॉर्ड रखना महत्वपूर्ण है, भविष्य में जब आप केस करना चाहें तो यह सबूत के तौर पर काम आ सकता है.

अपनी डायरी में निम्नलिखित बातें नोट करें :

  • फोन, इसकी बातें, फोन करने का वक्त और कॉल की अवधि
  • कोशिश करें यदि आप कालर आई डी लगवा लें. जिस नंबर से फोन आये उसे नोट कर लें. हो सकता है यहाँ एक से ज्यादा नंबर हो.
  • स्टाकर की हरकारों का रिकॉर्ड रखें, जैसे कि यदि वह आपका पीछा किये जा रहा है, आपसे बात करने की कोशिश कर रहा है, आपके परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है. यह भी रिकॉर्ड करें कि उसने कपड़े क्या पहने हुए थे.
  • आपका पीछा करने के लिए यदि स्टाकर ने कोई कार या अन्य वाहन इस्तेमाल किया हो तो उसका विवरण नोट करें.
  • यदि उसने आपको कोई ईमेल भेजा है तो उसे मिटाए नहीं. उसका प्रिंट रखें. भविष्य में केस के लिए इस्तेमाल करने के लिए उसे संभल कर रखें.
  • यदि उसने किसी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है तो पुलिस को बुलाने के पहले उसकी तस्वीर ले लें.
  • यदि आपको उसने कोई खत भेजा है तो वह भी संभल कर रखें.
  • ऑनलाइन यदि उसने चैट पर मैसेज भेजा तो वह भी सुरक्षित रखें.
  • स्टाकर की ऑनलाइन प्रोफाइल रखें यदि वह साईबर स्टाकर है
  • वेबसाईट के पते रखें जहाँ जहाँ स्टाकर विसिट करता हो
  • यदि उसने कोई उपहार दिया है तो उसे रखें.
दोस्त और परिवार

स्टाकिंग से पीड़ित लोग यह बात खुद तक ही रखते हैं, सोचते हैं कि यदि वे स्टाकर को नज़रंदाज़ करेंगें तो वह खुद ही चला जाएगा.

वास्तव में आप कदम उठाने में जितनी देर करेंगीं, आप उतना ही ज्यादा समय स्टाकर को बढ़ावा देंगीं. अपने दोस्तों और परिवार को इस बारे में जानकारी दें ताकि वे आपकी मदद कर सकें. यदि स्टाकर आपकी काम की जगह का है तो आपके सहकर्मियों को इस बारे में पता होना चाहिए. कभी कभी परिवार से दी गई चेतावनी भी स्थिति को संभल देती है, खासतौर से जब स्टाकर आपके इलाके में रहने वाला या आपका पहले का पार्टनर हो. इसके आलावा, आप जितना अन्य लोगों को इसके बारे में बतायेंगें उतना ही गवाह तैयार करेंगें, इससे आपको क़ानूनी कारवाई में मदद मिलेगी.

पुलिस के पास जाना

स्टाकर के बारे में रिपोर्ट करना ज़रुरी है, खासतौर से जब भारतीय कानून के तहत स्टाकिंग एक अपराध है. इसके लिए सबसे पहली चीज आपको जो करना है वह है एफ आई आर दर्ज करवाना.

हो सकता है कि पुलिस आपसे ऐसे सवाल करे कि क्या आप स्टाकर को जानती हैं; आप उसे कैसे जानती हैं; आपके रोज़ की गतिविधियों के बारे में. जहाँ जरुरत हो वहाँ व्यक्तिगत जानकारी देने में झिझके नहीं. कुछ केसों में पुलिस की एक चेतावनी भर ही स्टाकिंग को बंद कर सकती है. जितनी भी गैर क़ानूनी हरकत हुई है पुलिस को इसके बारे में बताएं.

यदि स्टाकर आपका पहले का पार्टनर/बॉय फ्रेंड या जुनूनी स्वभाव का हो तो स्थिति को और भी गंभीरता से लेने की ज़रूरत है. इस मामले में आपको पुलिस के पास जाने की ज्यादा जरुरत है क्योंकि हो सकता है कि पीछा करने वाला बदमाश हो. सटाकर के लिए बुरा मत महसूस कीजिये कि आपने उसे ठुकराया या आप उसे जानती हैं और वह खुद ही ऐसा करना बंद कर देगा. जो कोई भी स्थिति हो आपको सुरक्षित इससे बाहर आना है.

शिकायत अप्लीकेशन

साईबर स्टाकिंग के बारे में रिपोर्ट करने के लिए, आपको साईबर क्राइम जांच सेल के हेड को रिपोर्ट करने की जरुरत है.

शिकायत अप्लीकेशन में निम्नलिखित विवरण होना ही चाहिए:

  • ईमेल या मैसेज का प्रिंट
  • जिस नंबर से स्टाकर का फोन आया वो नंबर
  • स्टाकर का जहाँ प्रोफाइल है वे वेबसाईट पता
  • जरुरी वेबपेज का प्रिंट
व्यक्तिगत सुरक्षा

आपकी निजी सुरक्षा आपकी पहली प्राथमिकता है

  • अगर जरुरत है तो अपने आपको शारीरिक रूप से बचाने के लिए मानसिक रूप से तैयार हों.
  • समय समय पर अपने परिवार को जानकारी दें कि आप कहाँ हैं.
  • यदि स्टाकर पहले का या ठुकराया हुआ पार्टनर है तो पुलिस की सहायता लें.
  • अपना मोबाईल फोन हाथ में ही रखें, फोन के स्पीड डायल पर इमर्जेंसी नंबर सेव करके रखें.
  • घर में पालतू जानवर रखना स्टाकर से बचाव का अच्छा तरीका है
  • घर में मजबूत और सुरक्षित सुरक्षा के उपाय अपनाएं.
  • अपने घर की और कार की चाभी हमेशा तैयार रखें
  • अपने घर में अच्छी रोशनी रखें, खासतौर से दरवाजे पे, सीढीयों पे आदि
  • यदि सिक्यूरिटी गार्ड है तो उसे आवश्यक जानकारी दें जैसे आप कहाँ काम करती हैं या रहती है, और आपके घर कोई विसिटर आता है तो उसपर ध्यान रखे. उसे बताएं कि कोई आपका पीछा करता है.
  • अपने पड़ोसी को को कहें कि वह आपके घर पर होने वाली संदेहजनक वारदातों का ध्यान रखें.
  • अपने आसपास का ध्यान रखें, खासतौर से जब आप सार्वजनिक जगहों पर आ जा रही हों.
  • अपने दोस्त या पड़ोसी को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करके रखें, और यदि जरुरत पड़े तो उनके साथ ही रहें.
  • नियमित जगहों पर जाने के रस्ते को बदलते रहें जैसे स्कूल, कॉलेज, काम की जगह और घर.
  • घर के दरवाजे पर देखने वाला शीशा लगवायें
  • अपना फोन नंबर ना बदलें
  • अपनी इन्द्रियों पर भरोसा करें. वे आपके सबसे अच्छे दोस्त हैं, खासतौर से जरुरत के समय.
स्टाकिंग (पीछा करना) से निपटने के लिए कानून

भारतीय कानून के सेक्शन जो स्टाकिंग के लिए इस्तेमाल हो सकता है उसे जानना ज़रुरी है. स्टाकिंग से निपटने के लिए अलग से कोई कानून नहीं है. स्टाकिंग के केस निम्नलिखित सेक्शन के अंतर्गत आ सकते हैं.
इन्डियन पिनल कोड का सेक्शन 294 : अश्लील गाने और हरकतें

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